कॉलेजों को बीए-बीकॉम और बीएससी की उत्तर पुस्तिका 28 दिसंबर तक करना है जमा, फिर शुरू होगा मूल्यांकन
आंटी केस में फंसाने की धमकी देकर जिम ट्रेनर से तीन लाख मांगे, एनसीबी के दो सिपाही, ड्राइवर गिरफ्तार
पंचकुइया गोदाम परिसर का मुख्य द्वार सील करने पर हंगामा, चक्काजाम
विधायक और पूर्व महापौर मालिनी गौड़ कोरोना पॉजिटिव
आशा की किरण लिए हमउम्रों के बीच पहुंचे प्रभात चटर्जी
इंदौर से चलेगी रामायण ट्रेन, ले जाएगी अयोध्या
इंदौर में दोहरा हत्याकांड : पापा शराब पीकर आए थे, मम्मी सो रही थी, प्रेमी को बुलाकर दोनों को मरवा दियाIndore Bureau - vaidikpostnews.com 31-Jan-2019 01:34 pm
इंदौर (सुरेश कपोनिया)।प्रदेश के वाणिज्यिक कर, आबकारी और पंजीयन विभाग के मंत्री श्री बृजेन्द्र सिंह राठौर ने आज ब्रिलिएंट कन्वेंशन सेंटर में आज व्यापारियों, उद्योगपतियों और कर सलाहकारों को सम्बोधित करते हुए कहा कि जीएसटी से व्यापारियों को आने वाली परेशानियों को दूर करने का प्रयास किया जायेगा। राज्य शासन का उद्देश्य कर राजस्व बढ़ाना है। इस संबंध में यह बैठक आहूत की गई है। हमारा उद्देश्य है कि व्यापारियों को कोई परेशानी न हो और कर राजस्व भी बढ़ता रहे। ईमानदार व्यापारियों के संरक्षण के लिये राज्य सरकार कृत संकल्पित हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य शासन की तरफ से व्यापारियों की समस्याओं का समाधान करने का प्रयास किया जायेगा, मगर जो मुद्दे केन्द्र सरकार की जीएसटी काउंसिल से संबंधित है, उन्हें जीएसटी काउंसिल में भेजा जायेगा। किसी भी विभाग, व्यापार, प्रशासन और उद्योग की सफलता के लिये नियमितता और संयम जरूरी है। व्यापारियों द्वारा आज दिये गये सुझावों को राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी विचार-विमर्श कर समुचित समाधान करने का प्रयास करेंगे। सरकार बेरोजगारी दूर करने के लिये व्यापार और उद्योग को बढ़ावा देना चाहती है।
उन्होंने कहा कि राज्य शासन गरीबों, विकलांगों और बुजुर्गों के लिये अनेक कल्याणकारी योजनाएँ चला रही है और इन योजनाओं को चलाने के लिये धन राशि की जरूरत पड़ती है। वह धन राशि नागरिकों, उद्योगपतियों और व्यापारियों के कर से ही आती है। यह बात हम सब को अच्छी तरह से समझ लेना चाहिये। सडक़, पेयजल, बिजली प्रदाय पर भी राज्य सरकार बहुत अधिक खर्च करती है। इन सबकी प्रतिपूर्ति के लिये कराधान किया जाता है।
कार्यक्रम को श्री रमेश खण्डेलवाल, श्री विजय कालरा, सुरेश अग्रवाल, मनीष कालरा, अमित चावला, कैलाश अग्रवाल, दिलीप कासलीवाल ने भी अपने अमूल्य सुझाव कार्यक्रम में प्रस्तुत किये और व्यापारियों और उद्योगपतियों की अपनी समस्याओं को बताया। व्यापारियों ने कर निर्धारण और हर तीन माह में रिटर्न दाखिल करने के संबंध में समस्याएँ बतायी। उन्होंने कई मदों में कर कम करने का सुझाव भी दिया।
कार्यक्रम में वाणिज्यिक कर आयुक्त श्री डी.पी. आहूजा, श्री अविनाश लावनिया, श्री एन.एस. मरावी, श्री सुधीर गुप्ता और बड़ी संख्या में इन्दौर सम्भाग के व्यापारी संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद थे।