कॉलेजों को बीए-बीकॉम और बीएससी की उत्तर पुस्तिका 28 दिसंबर तक करना है जमा, फिर शुरू होगा मूल्यांकन
आंटी केस में फंसाने की धमकी देकर जिम ट्रेनर से तीन लाख मांगे, एनसीबी के दो सिपाही, ड्राइवर गिरफ्तार
पंचकुइया गोदाम परिसर का मुख्य द्वार सील करने पर हंगामा, चक्काजाम
विधायक और पूर्व महापौर मालिनी गौड़ कोरोना पॉजिटिव
आशा की किरण लिए हमउम्रों के बीच पहुंचे प्रभात चटर्जी
इंदौर से चलेगी रामायण ट्रेन, ले जाएगी अयोध्या
इंदौर में दोहरा हत्याकांड : पापा शराब पीकर आए थे, मम्मी सो रही थी, प्रेमी को बुलाकर दोनों को मरवा दियाIndore Bureau - vaidikpostnews.com 06-Feb-2019 11:08 am
भोपाल. नए सीबीआई डायरेक्टर ऋषि कुमार शुक्ला की नियुक्ति पर पूर्व स्पेशल डीजी और मप्र कैडर की आईपीएस रीना मित्रा ने एतराज जताया है। उन्होंने भास्कर को बताया कि सीबीआई डायरेक्टर की नियुक्ति के लिए एक सेट क्राइटेरिया है। मैं 31 जनवरी को रिटायर हुई और अगले दिन ही डायरेक्टर नियुक्त कर दिया गया। एक दिन में सब कुछ कैसे तय हो सकता है? क्राइटेरिया नहीं होता तो कोई बात नहीं थी।
उल्लेखनीय है कि सीबीआई डायरेक्टर के लिए प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली चयन समिति ने जो नाम तय किए थे, उनमें रीना मित्रा का भी नाम था। वरिष्ठता सूची में वह सबसे ऊपर थीं, पर 31 जनवरी को वह रिटायर हो गईं और एक फरवरी को पूर्व डीजीपी ऋषि कुमार शुक्ला को डायरेक्टर नियुक्त किया गया।
इसी चयन प्रक्रिया को लेकर रीना मित्रा का एक आर्टिकल प्रकाशित हुआ, जिसमें उन्होंने नियुक्ति पर सवाल उठाए। मंगलवार को भास्कर ने जब उनसे इन्हीं सवालों के बारे में पूछा तो मित्रा ने कहा कि जो होता है वही लिखा है। किसी को तो लिखना ही था।
दरअसल, मित्रा ने उस आर्टिकल में लिखा है कि देश की प्रतिष्ठित जांच एजेंसी सीबीआई की डायरेक्टर बनने के लिए वे सभी मापदंडों को पूरा करती हैं। सीबीआई और एंटी करप्शन में अनुभव के क्राइटेरिया में वह थीं। चयन प्रक्रिया में एक दिन की देरी ने उन्हें सीबीआई डायरेक्टर बनने से रोक दिया, जिसे आसानी से टाला जा सकता था। वे चाहती थी कि मेरिट के आधार पर उन्हें सीबीआई का डायरेक्टर बनाया जाए।