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भोपाल. लोकसभा चुनाव में कांग्रेस मंत्री या विधायक को मैदान में नहीं उतारेगी। इस बारे में पार्टी में उच्च स्तर पर विचार विमर्श किया जा रहा है। कांग्रेस के पास विधानसभा में पूर्ण बहुमत नहीं होना, इसकी वजह मानी जा रही है। पार्टी किसी मंत्री या विधायक को लोकसभा का चुनाव लड़ाती है, तो जीतने की स्थिति में उसे विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देना पड़ेगा। कांग्रेस को आंशका है कि इस स्थिति में दोबारा यह सीट कांग्रेस जीत पाएगी या नहीं।
फिलहाल विधानसभा में कांग्रेस के 114 विधायक हैं। 4 निर्दलीय, 2 बसपा और 1 सपा विधायक के सहयोग से पार्टी सरकार बनाने के लिए जादुई आंकड़ा जुटा पाई है। इस स्थिति को देखते हुए पार्टी यह विचार कर रही है कि किसी भी विधायक या मंत्री को चुनाव न लड़ाया जाए, जिससे उसकी दिक्कतें बढ़ें।
इधर, कांग्रेस आलाकमान विधानसभा की तर्ज पर लोकसभा में भी युवाओं और महिलाओं को टिकट देने पर भी विचार कर रहा है। विधानसभा चुनाव में पार्टी ने कई सीटों पर नए व युवा चेहरों को मौका दिया थ, इनमें से बहुत से चुनाव जीते हैं। चुनाव नतीजों की जो विश्लेषण दिल्ली भेजा गया है, उसमें इस बात का जिक्र किया गया है।